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Hindi - Chapter 52 - At-Tur

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 21 — Surah At-Tur 52:21

और जो लोग ईमान लाये और अनुसरण किया उनका, उनकी संतान ने ईमान के साथ, तो ह्म मिला देंगे उनकी संतान को उनके साथ तथा नहीं कम करेंगे उनके कर्मों में से कुछ, प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्मों का बंधक[1] है।