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Hindi - Chapter 36 - Ya-Sin

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 11 — Surah Ya-Sin 36:11

तुम तो बस सावधान कर रहे हो। जो कोई अनुस्मृति का अनुसरण करे और परोक्ष में रहते हुए रहमान से डरे, अतः क्षमा और प्रतिष्ठामय बदले की शुभ सूचना दे दो