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Hindi - Chapter 93 - Ad-Duhaa
Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink
Verse 1 — Surah Ad-Duhaa 93:1
साक्षी है चढ़ता दिन
Verse 2 — Surah Ad-Duhaa 93:2
और रात जबकि उसका सन्नाटा छा जाए
Verse 3 — Surah Ad-Duhaa 93:3
तुम्हारे रब ने तुम्हें न तो विदा किया और न वह बेज़ार (अप्रसन्न) हुआ
Verse 4 — Surah Ad-Duhaa 93:4
और निश्चय ही बाद में आनेवाली (अवधि) तुम्हारे लिए पहलेवाली से उत्तम है
Verse 5 — Surah Ad-Duhaa 93:5
और शीघ्र ही तुम्हारा रब तुम्हें प्रदान करेगा कि तुम प्रसन्न हो जाओगे
Verse 6 — Surah Ad-Duhaa 93:6
क्या ऐसा नहीं कि उसने तुम्हें अनाथ पाया तो ठिकाना दिया
Verse 7 — Surah Ad-Duhaa 93:7
और तुम्हें मार्ग से अपरिचित पाया तो मार्ग दिखाया
Verse 8 — Surah Ad-Duhaa 93:8
और तुम्हें निर्धन पाया तो समृद्ध कर दिया
Verse 9 — Surah Ad-Duhaa 93:9
अतः जो अनाथ हो उसे मत दबाना
Verse 10 — Surah Ad-Duhaa 93:10
और जो माँगता हो उसे न झिझकना
Verse 11 — Surah Ad-Duhaa 93:11
और जो तुम्हें रब की अनुकम्पा है, उसे बयान करते रहो