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Hindi - Chapter 94 - Ash-Sharh

Translation by Muhammad Farooq Khan And Muhammad Ahmed — Permalink

Verse 1 — Surah Ash-Sharh 94:1

क्या ऐसा नहीं कि हमने तुम्हारा सीना तुम्हारे लिए खोल दिया

Verse 2 — Surah Ash-Sharh 94:2

और तुमपर से तुम्हारा बोझ उतार दिया

Verse 3 — Surah Ash-Sharh 94:3

जो तुम्हारी कमर तोड़े डाल रहा था

Verse 4 — Surah Ash-Sharh 94:4

और तुम्हारे लिए तुम्हारे ज़िक्र को ऊँचा कर दिया

Verse 5 — Surah Ash-Sharh 94:5

अतः निस्संदेह कठिनाई के साथ आसानी भी है

Verse 6 — Surah Ash-Sharh 94:6

निस्संदेह कठिनाई के साथ आसानी भी है

Verse 7 — Surah Ash-Sharh 94:7

अतः जब निवृत हो तो परिश्रम में लग जाओ

Verse 8 — Surah Ash-Sharh 94:8

और अपने रब से लौ लगाओ