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Hindi - Chapter 83 - Al-Mutaffifin
Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink
Verse 1 — Surah Al-Mutaffifin 83:1
विनाश है डंडी मारने वालों का।
Verse 2 — Surah Al-Mutaffifin 83:2
जो लोगों से नाप कर लें,, तो पूरा लेते हैं।
Verse 3 — Surah Al-Mutaffifin 83:3
और जब उन्हें नाप या तोल कर देते हैं, तो कम देते हैं।
Verse 4 — Surah Al-Mutaffifin 83:4
क्या वे नहीं सोचते कि फिर जीवित किये जायेंगे
Verse 5 — Surah Al-Mutaffifin 83:5
एक भीषण दिन के लिए।
Verse 6 — Surah Al-Mutaffifin 83:6
जिस दिन सभी, विश्व के पालनहार के सामने खड़े होंगे।
Verse 7 — Surah Al-Mutaffifin 83:7
कदापि ऐसा न करो, निश्चय बुरों का कर्म पत्र "सिज्जीन" में है।
Verse 8 — Surah Al-Mutaffifin 83:8
और तुम क्या जानो कि "सिज्जीन" क्या है
Verse 9 — Surah Al-Mutaffifin 83:9
वह लिखित महान पुस्तक है।
Verse 10 — Surah Al-Mutaffifin 83:10
उस दिन झुठलाने वालों के लिए विनाश है।
Verse 11 — Surah Al-Mutaffifin 83:11
जो प्रतिकार (बदले) के दिन को झुठलाते हैं।
Verse 12 — Surah Al-Mutaffifin 83:12
तथा उसे वही झुठलाता है, जो महा अत्याचारी और पापी है।
Verse 13 — Surah Al-Mutaffifin 83:13
जब उनके सामने हमारी आयतों का अध्ययन किया जाता है, तो कहते हैं: पूर्वजों की कल्पित कथायें हैं।
Verse 14 — Surah Al-Mutaffifin 83:14
सुनो! उनके दिलों पर कुकर्मों के कारण लोहमल लग गया है।
Verse 15 — Surah Al-Mutaffifin 83:15
निश्चय वे उस दिन अपने पालनहार (के दर्शन) से रोक दिये जायेंगे।
Verse 16 — Surah Al-Mutaffifin 83:16
फिर वे नरक में जायेंगे।
Verse 17 — Surah Al-Mutaffifin 83:17
फिर कहा जायेगा कि यही है, जिसे तुम मिथ्या मानते थे।
Verse 18 — Surah Al-Mutaffifin 83:18
सच ये है कि सदाचारियों के कर्म पत्र "इल्लिय्यीन" में हैं।
Verse 19 — Surah Al-Mutaffifin 83:19
और तुम क्या जानो कि "इल्लिय्यीन" क्या है
Verse 20 — Surah Al-Mutaffifin 83:20
एक अंकित पुस्तक है।
Verse 21 — Surah Al-Mutaffifin 83:21
जिसके पास समीपवर्ती (फरिश्ते) उपस्थित रहते हैं।
Verse 22 — Surah Al-Mutaffifin 83:22
निशचय, सदाचारी आनन्द में होंगे।
Verse 23 — Surah Al-Mutaffifin 83:23
सिंहासनों के ऊपर बैठकर सब कुछ देख रहे होंगे।
Verse 24 — Surah Al-Mutaffifin 83:24
तुम उनके मुखों से आनंद के चिन्ह अनुभव करोगे।
Verse 25 — Surah Al-Mutaffifin 83:25
उन्हें मुहर लगी शुध्द मदिरा पिलाई जायेगी।
Verse 26 — Surah Al-Mutaffifin 83:26
ये मुहर कस्तूरी की होगी। तो इसकी अभिलाषा करने वालों को इसकी अभिलाषा करनी चाहिये।
Verse 27 — Surah Al-Mutaffifin 83:27
उसमें तसनीम मिली होगी।
Verse 28 — Surah Al-Mutaffifin 83:28
वह एक स्रोत है, जिससे अल्लाह के समीपवर्ती पियेंगे।
Verse 29 — Surah Al-Mutaffifin 83:29
पापी (संसार में) ईमान लाने वालों पर हंसते थे।
Verse 30 — Surah Al-Mutaffifin 83:30
और जब उनके पास से गुज़रते, तो आँखें मिचकाते थे।
Verse 31 — Surah Al-Mutaffifin 83:31
और जब अपने परिवार में वापस जाते, तो आनंद लेते हुए वापस होते थे।
Verse 32 — Surah Al-Mutaffifin 83:32
और जब उन्हें (मोमिनों को) देखते, तो कहते थेः यही भटके हुए लोग हैं।
Verse 33 — Surah Al-Mutaffifin 83:33
जबकि वे उनके निरीक्षक बनाकर नहीं भेजे गये थे।
Verse 34 — Surah Al-Mutaffifin 83:34
तो जो ईमान लाये, आज काफ़िरों पर हंस रहे हैं।
Verse 35 — Surah Al-Mutaffifin 83:35
सिंहासनों के ऊपर से उन्हें देख रहे हैं।
Verse 36 — Surah Al-Mutaffifin 83:36
क्या काफ़िरों (विश्वास हीनों) को उनका बदला दे दिया गया