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Hindi - Chapter 84 - Al-Inshiqaq

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 1 — Surah Al-Inshiqaq 84:1

जब आकाश फट जायेगा।

Verse 2 — Surah Al-Inshiqaq 84:2

और अपने पालनहार की सुनेगा और यही उसे करना भी चाहिये।

Verse 3 — Surah Al-Inshiqaq 84:3

तथा जब धरती फैला दी जायेगी।

Verse 4 — Surah Al-Inshiqaq 84:4

और जो उसके भीतर है, फैंक देगी तथा ख़ाली हो जायेगी।

Verse 5 — Surah Al-Inshiqaq 84:5

और अपने पालनहार की सुनेगी और यही उसे करना भी चाहिये।

Verse 6 — Surah Al-Inshiqaq 84:6

हे इन्सान! वस्तुतः, तू अपने पालनहार से मिलने के लिए परिश्रम कर रहा है और तू उससे अवश्य मिलेगा।

Verse 7 — Surah Al-Inshiqaq 84:7

फिर जिस किसी को उसका कर्मपत्र दाहिने हाथ में दिया जायेगा।

Verse 8 — Surah Al-Inshiqaq 84:8

तो उसका सरल ह़िसाब लिया जायेगा।

Verse 9 — Surah Al-Inshiqaq 84:9

तथा वह अपनों में प्रसन्न होकर वापस जायेगा।

Verse 10 — Surah Al-Inshiqaq 84:10

और जिन्हें उनका कर्मपत्र बायें हाथ में दिया जायेगा।

Verse 11 — Surah Al-Inshiqaq 84:11

तो वह विनाश (मृत्यु) को पुकारेगा।

Verse 12 — Surah Al-Inshiqaq 84:12

तथा नरक में जायेगा।

Verse 13 — Surah Al-Inshiqaq 84:13

वह अपनों में प्रसन्न रहता था।

Verse 14 — Surah Al-Inshiqaq 84:14

उसने सोचा था कि कभी पलट कर नहीं आयेगा।

Verse 15 — Surah Al-Inshiqaq 84:15

क्यों नहीं? निश्चय उसका पालनहार उसे देख रहा था।

Verse 16 — Surah Al-Inshiqaq 84:16

मैं सन्ध्या लालिमा की शपथ लेता हूँ

Verse 17 — Surah Al-Inshiqaq 84:17

तथा रात की और जिसे वह एकत्र करे

Verse 18 — Surah Al-Inshiqaq 84:18

तथा चाँद की, जब वह पूरा हो जाये।

Verse 19 — Surah Al-Inshiqaq 84:19

फिर तुम अवश्य एक दशा से दूसरी दशा में सवार होगे।

Verse 20 — Surah Al-Inshiqaq 84:20

फिर क्यों वे विश्वास नहीं करते

Verse 21 — Surah Al-Inshiqaq 84:21

और जब उनके पास क़ुर्आन पढ़ा जाता है, तो सज्दा नहीं करते।

Verse 22 — Surah Al-Inshiqaq 84:22

बल्कि काफ़िर तो उसे झुठलाते हैं।

Verse 23 — Surah Al-Inshiqaq 84:23

और अल्लाह उनके विचारों को भली-भाँति जानता है।

Verse 24 — Surah Al-Inshiqaq 84:24

अतः, उन्हें दुःखदायी यातना की शुभ सूचना दे दो।

Verse 25 — Surah Al-Inshiqaq 84:25

परन्तु, जो ईमान लाये तथा सदाचार किये, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।