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Hindi - Chapter 92 - Al-Layl
Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink
Verse 1 — Surah Al-Layl 92:1
रात्रि की शपथ, जब छा जाये
Verse 2 — Surah Al-Layl 92:2
तथा दिन की शपथ, जब उजाला हो जाये
Verse 3 — Surah Al-Layl 92:3
और उसकी शपथ जिसने नर और मदा पैदा किये
Verse 4 — Surah Al-Layl 92:4
वास्तव में, तुम्हारे प्रयास अलग-अलग हैं।
Verse 5 — Surah Al-Layl 92:5
फिर जिसने दान दिया और भक्ति का मार्ग अपनाया
Verse 6 — Surah Al-Layl 92:6
और भली बात की पूष्टि करता रहा
Verse 7 — Surah Al-Layl 92:7
तो हम उसके लिए सरलता पैदा कर देंगे।
Verse 8 — Surah Al-Layl 92:8
परन्तु, जिसने कंजूसी की और ध्यान नहीं दिया
Verse 9 — Surah Al-Layl 92:9
और भली बात को झुठला दिया।
Verse 10 — Surah Al-Layl 92:10
तो हम उसके लिए कठिनाई को प्राप्त करना सरल कर देंगे।
Verse 11 — Surah Al-Layl 92:11
और जब वह गढ़े में गिरेगा, तो उसका धन उसके काम नहीं आयेगा।
Verse 12 — Surah Al-Layl 92:12
हमारा कर्तव्य इतना ही है कि हम सीधा मार्ग दिखा दें।
Verse 13 — Surah Al-Layl 92:13
जबकि आलोक-परलोक हमारे ही हाथ में है।
Verse 14 — Surah Al-Layl 92:14
मैंने तुम्हें भड़कती आग से सावधान कर दिया है।
Verse 15 — Surah Al-Layl 92:15
जिसमें केवल बड़ा हत्भागा ही जायेगा।
Verse 16 — Surah Al-Layl 92:16
जिसने झुठला दिया तथा (सत्य से) मुँह फेर लिया।
Verse 17 — Surah Al-Layl 92:17
परन्तु, संयमी (सदाचारी) उससे बचा लिया जायेगा।
Verse 18 — Surah Al-Layl 92:18
जो अपना धन, दान करता है, ताकि पवित्र हो जाये।
Verse 19 — Surah Al-Layl 92:19
उसपर किसी का कोई उपकार नहीं, जिसे उतारा जा रहा है।
Verse 20 — Surah Al-Layl 92:20
वह तो केवल अपने परम पालनहार की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए है।
Verse 21 — Surah Al-Layl 92:21
निःसंदेह, वह प्रसन्न हो जायेगा।