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Hindi - Chapter 88 - Al-Ghashiyah

Translation by Maulana Azizul Haque Al Umari — Permalink

Verse 1 — Surah Al-Ghashiyah 88:1

क्या तेरे पास पूरी सृष्टी पर छा जाने वाली (क्यामत) का समाचार आया

Verse 2 — Surah Al-Ghashiyah 88:2

उस दिन कितने मूँह सहमे होंगे।

Verse 3 — Surah Al-Ghashiyah 88:3

परिश्रम करते थके जा रहे होंगे।

Verse 4 — Surah Al-Ghashiyah 88:4

पर वे दहकती आग में जायेंगे।

Verse 5 — Surah Al-Ghashiyah 88:5

उन्हें खोलते सोते का जल पिलाया जायेगा।

Verse 6 — Surah Al-Ghashiyah 88:6

उनके लिए कटीली झाड़ के सिवा, कोई भोजन सामग्री नहीं होगी।

Verse 7 — Surah Al-Ghashiyah 88:7

जो न मोटा करेगी और न भूख दूर करेगी।

Verse 8 — Surah Al-Ghashiyah 88:8

कितने मुख उस दिन निर्मल होंगे।

Verse 9 — Surah Al-Ghashiyah 88:9

अपने प्रयास से प्रसन्न होंगे।

Verse 10 — Surah Al-Ghashiyah 88:10

ऊँचे स्वर्ग में होंगे।

Verse 11 — Surah Al-Ghashiyah 88:11

उसमें कोई बकवास नहीं सुनेंगे।

Verse 12 — Surah Al-Ghashiyah 88:12

उसमें बहता जल स्रोत होगा।

Verse 13 — Surah Al-Ghashiyah 88:13

और उसमें ऊँचे-ऊँचे सिंहासन होंगे।

Verse 14 — Surah Al-Ghashiyah 88:14

उसमें बहुत सारे प्याले रखे होंगे।

Verse 15 — Surah Al-Ghashiyah 88:15

पंक्तियों में गलीचे लगे होंगे।

Verse 16 — Surah Al-Ghashiyah 88:16

और मख़्मली क़ालीनें बिछी होंगी।

Verse 17 — Surah Al-Ghashiyah 88:17

क्या वह ऊँटों को नहीं देखते कि कैसे पैदा किये गये हैं

Verse 18 — Surah Al-Ghashiyah 88:18

और आकाश को कि किस प्रकार ऊँचा किया गया

Verse 19 — Surah Al-Ghashiyah 88:19

और पर्वतों को कि कैसे गाड़े गये

Verse 20 — Surah Al-Ghashiyah 88:20

तथा धरती को कि कैसे पसारी गयी

Verse 21 — Surah Al-Ghashiyah 88:21

अतः आप शिक्षा (नसीह़त) दें कि आप शिक्षा देने वाले हैं।

Verse 22 — Surah Al-Ghashiyah 88:22

आप उनपर अधिकारी नहीं हैं।

Verse 23 — Surah Al-Ghashiyah 88:23

परन्तु, जो मुँह फेरेगा और नहीं मानेगा

Verse 24 — Surah Al-Ghashiyah 88:24

तो अल्लाह उसे भारी यातना देगा।

Verse 25 — Surah Al-Ghashiyah 88:25

उन्हें हमारी ओर ही वापस आना है।

Verse 26 — Surah Al-Ghashiyah 88:26

फिर हमें ही उनका ह़िसाब लेना है।